top of page
Search

भारत एवं यूरोप के देशों में एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग क्षेत्र में कैरियर

DGCA मे एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग का स्कोप

एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग भारत में एक वायुयान मेंटीनेंस के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट करियर विकल्प हो सकता है, और DGCA (Directorate General of Civil Aviation) इस क्षेत्र में जाने के लिए आवश्यक अनुमतियाँ और मानक नियम निर्धारित करती है। एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियर्ग के कार्य में विमानों के बने रहने, सुरक्षित रहने और सही तरीके से काम करने का जिम्मेदारी शामिल होता है।DGCA, एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता देती है और योग्यता मानकों के आधार पर लाइसेंस प्रदान करती है। आपको DGCA की वेबसाइट पर जाकर उनके नवीनत नियमों और निर्देशों की जांच करनी चाहिए ताकि आप इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें।एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग में काम करने के लिए आपको टेक्निकल ज्ञान, कौशल, और सुरक्षा प्राधिकृतियों का पालन करना होगा। यह कारिय विमानों की

एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग लाइसेंस कैसे मिले

एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) लाइसेंस भारत में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के तहत प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए निम्नलिखित कदम अनिवार्य होते हैं:

1. शैक्षिक योग्यता: आपको 10+2 की पास करनी होगी, जिसमें गणित और विज्ञान के विषयों को समाहित किया गया हो।

2. प्रशिक्षण: आपको DGCA मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान से Aircraft Maintenance Engineering (AME) कार्यक्रम पूरा करना होगा। यह प्रशिक्षण विमानों की मेंटीनेंस के तरीकों, ज्ञान, और कौशलों को सिखाता है।

3. अनुभव: आपको अधिकतम 2-3 साल का मेंटीनेंस कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।

4. DGCA परीक्षा: DGCA का मॉड्यूल परीक्षा को पास करना होगा, जिसमें आपको तकनीकी और सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

5. लाइसेंस आवेदन: आपको DGCA को AME लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा और आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत करना होगा।

EASA का एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग लाइसेंस क्या है:

EASA, यानी European Union Aviation Safety Agency, यूरोपीय संघ के एविएशन सुरक्षा एजेंसी का एक महत्वपूर्ण अद्यतन आधारित एविएशन सुरक्षा प्राधिकृति है। EASA के अंतर्गत एक प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग विशेषज्ञता की अनिवार्यता होती है, जिसे EASA Part-66 लाइसेंस कहा जाता है.

EASA Part-66 लाइसेंस, एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करने के लिए यूरोप के बहुत सारे देशों में मान्यता प्राप्त होता है. इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित कदम अनिवार्य होते हैं:

1. शैक्षिक योग्यता: आपको कम से कम 10 की परीक्षा किसी भी विषय में पास करनी होगी।

2. EASA Part-147 प्रशिक्षण: आपको EASA Part-147 स्थापना से मान्यता प्राप्त किसी प्रशिक्षण संस्थान से Aircraft Maintenance Engineering (AME) कार्यक्रम पूरा करना होगा.

3. तकनीकी परीक्षा: EASA Part-66 लाइसेंस की तकनीकी परीक्षा पास करनी होगी, जो आपके तकनीकी ज्ञान की मान्यता और विमान मेंटीनेंस के तरीकों की समझ की जांच करती है.

4. अनुभव: आपको निर्दिष्ट अंतर्गत एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस कार्य करने का अनुभव होना चाहिए.

EASA Part-66 लाइसेंस द्वारा आप यूरोपीय संघ के किसी भी देश में एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियर के रूप में काम कर सकते हैं और यह लाइसेंस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य है।

EASA और DGCA के एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग लाइसेंस कोर्स में क्या अंतर है।

EASA (European Union Aviation Safety Agency) और DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग लाइसेंस कोर्स में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं:

1. शैक्षिक योग्यता: EASA के लिए आपको कम से कम 10 की परीक्षा पास करनी होती है, जबकि DGCA के लिए भारत में इसकी योग्यता निर्धारित किया जाता है, और इसमें कुछ विशेष शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता हो सकती है.

2. EASA Part-66 लाइसेंस: EASA के अंतर्गत AME बनने के लिए EASA Part-66 लाइसेंस की आवश्यकता होती है, जिसे प्राप्त करने के लिए EASA के मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थानों से पास करना होता है.

3. DGCA की प्रमाणिति: भारत में DGCA की प्रमाणिति द्वारा AME बनने के लिए आपको DGCA की मॉड्यूल परीक्षाओं को पास करना होता है और उनके नियमों का पालन करना होता है.

4. क्षेत्र: EASA लाइसेंस यूरोपीय संघ के देशों में काम करने की अनुमति देता है, जबकि DGCA लाइसेंस भारत में काम करने की अनुमति देता है.

5. निर्दिष्टता: DGCA के तहत एक व्यक्ति केवल भारत में काम कर सकता है, जबकि EASA लाइसेंस के बाद व्यक्ति यूरोपीय संघ के किसी भी देश में काम कर सकता है.

यह अंतर सामान्य रूप से शैक्षिक योग्यता, प्रमाणिति प्रक्रिया, और क्षेत्र की मान्यता के संदर्भ में होते हैं. आपके लक्ष्यों और काम करने की जगह के हिसाब से आपको उपयुक्त लाइसेंस चुनना होगा.

क्याEASA का एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग का लाइसेंस होल्डर भारत में काम कर सकता है।

हां, EASA (European Union Aviation Safety Agency) का Aircraft Maintenance Engineering (AME) लाइसेंस होल्डर भारत में काम कर सकता है, लेकिन कुछ नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना होता है:

क्या भारतवर्ष(India) में EASA का एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग के लाइसेंस की ट्रेनिंग होती है।

हां, भारत में कुछ प्रशिक्षण संस्थान EASA (European Union Aviation Safety Agency) के अनुसार Aircraft Maintenance Engineering (AME) की प्रशिक्षा प्रदान करते हैं और EASA के लाइसेंस के लिए तैयारी करते हैं। ये प्रशिक्षण संस्थान EASA Part-66 लाइसेंस की प्राप्ति के लिए आवश्यक योग्यता और प्रशिक्षा प्रदान करते हैं।

यदि आप EASA लाइसेंस की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको एसे प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने और उनकी वेबसाइटों से अधिक जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता होगी. ध्यान दें कि आपको योग्यता, प्रशिक्षण विशेषज्ञता, और लाइसेंस प्राप्त करने के बाद और भी उन्नत विमान मेंटीनेंस कार्यों के लिए तैयार रहना होगा।

क्या भारतवर्ष (India) DGCA एवं EASA का एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग का ड्यूल (दोनों) लाइसेंस मिल सकता है

भारत में DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और EASA (European Union Aviation Safety Agency) के एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियरिंग लाइसेंस का ड्यूल (दोनों) लाइसेंस प्राप्त कर सकते है, लेकिन इसके लिए कुछ नियम और प्रक्रियाएँ होती हैं:

1. अनुमति: आपको DGCA और EASA के द्वारा ड्यूल लाइसेंस की अनुमति प्राप्त करनी होगी, और यह आपके प्रशिक्षण और अन्य योग्यता नियमों के आधार पर होती है।

2. प्रशिक्षण: आपको DGCA के मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान से Aircraft Maintenance Engineering (AME) कार्यक्रम पूरा करना होगा और EASA Part-66 लाइसेंस के लिए उनके मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा.

3. अनुभव: आपको एक निर्दिष्ट समय तक DGCA के अंतर्गत एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस कार्य करने का अनुभव होना चाहिए.

4. टेक्निकल परीक्षा: आपको DGCA और EASA के द्वारा आयोजित की जाने वाली टेक्निकल परीक्षाएं पास करनी होंगी.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके पास उपयुक्त योग्यता, प्रशिक्षण, और अनुभव होता है और आप DGCA और EASA के निर्धारित नियमों का पालन करते हैं, आपको ड्यूल लाइसेंस प्राप्त हो सकता है।इससे आप पूरे विश्व के देशों में एअरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियर की सेवाएं दे सकते हैं।





51 views1 comment

Recent Posts

See All

1 Comment


Rajesh Srivastava
Rajesh Srivastava
Nov 04, 2023

This blog is being posted to make the aspirants AMEs in aviation field to be aware of the scopes and availability of courses in India

Like
bottom of page