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"पायलट्स ,एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स ,तकनीशियन और केबिन-क्रूज के एम्प्लॉयमेंट का: 2023-2042 का पूर्वानुमान"

हवाई यात्रा की मांग आर्थिक विकास को पीछे छोड़ रही है क्योंकि घरेलू बाजार महामारी के वर्षों से पूरी तरह से उबर चुके हैं। ग्लोबल एविएशन  के इकोसिस्टम तंत्र की सुरक्षा और समृद्धि बनाये रखने के लिए प्रभावी प्रशिक्षण और कर्मियों की पर्याप्त आपूर्ति महत्वपूर्ण बनी हुई है। पायलट्स ,एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स ,तकनीशियन और केबिन-क्रूज की पर्याप्त आपूर्ति एवं ट्रेनिंग एक इम्पोर्टेन्ट विषय है।



नए योग्य एविएशन कर्मियों की दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी हुई है, क्योंकि क्योंकि अगले 20 वर्षों में ग्लोबल कमर्शियल फ्लीट को उड़ाने और बनाए रखने के लिए 649,000 नए पायलट, 690,000 नए एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स ,तकनीशियन और 938,000 नए केबिन क्रू सदस्यों की आवश्यकता होगी।



ट्रेनिंग और संबंधित सर्विसेज की मांग में तेजी से सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मांग को पूरा करने में एविएशन इंडस्ट्री को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनमें महत्वपूर्ण कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए अपर्याप्त प्रशिक्षण क्षमता और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जारी रखते हुए कर्मियों को ऑनलाइन लाने के लिए आवश्यक समय लगना शामिल है। ग्लोबल फ्लीट के इक्सपैंशन को पुनः प्रतिस्थापित करना और विकास का समर्थन करने के लिए, विमानन उद्योग को एक दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता होगी जो आगामी श्रम चुनौतियों का समाधान करे। शुरुआती कैरियर-विकास कार्यक्रमों और आउटरीच प्रयासों में निवेश जो भविष्य के एविएटर्स के बीच उत्साह जगाता है, आने वाले वर्षों में एक स्वस्थ विमानन बाजार के लिए आवश्यक होगा।



बोइंग का अनुमान है कि दुनिया भर की एयरलाइनों को 20 वर्षों में 41,170 नए हवाई जहाजों की आवश्यकता होगी, जिनमें से आधे की डिलीवरी रिप्लेसमेंट विमानों के लिए होगी । एयरबस का कहना है कि 80% नए विमान (32,630) सिंगल-आइज़ल होंगे, और शेष 20% (8,220) वाइडबॉडी विमान होंगे।



1.(साभार बोइंग कंपनी के वेबसाइट से संदर्भित )


2.(साभार Reuters)



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